आफताब और श्रद्धा की प्रेम कहानी | Aftab and Shraddha Love Story | आफताब और श्रद्धा की कहानी

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आफताब और श्रद्धा की “प्रेम कहानी” पर एक सूत्र

आफताब और श्रद्धा दोनों मुंबई में एक डेटिंग ऐप पर मिले थे और श्रद्धा के लिए डेटिंग तेजी से “प्यार” में बदल गई आफताब के बारे में कुछ नही कहा जा सकता है, उसका कारण आपको पता ही है| लेकिन जल्द ही श्रद्धा शेफ आफताब के प्यार में पागल हो गई जिसने अपनि सोशल मीडिया प्रोफाइल में अपने आप को शेफ, फ़ूड ब्लॉगर बताया हुआ था|

श्रद्धा के परिवार वाले और दोस्त इस रिश्ते के खिलाफ थे और इसलिए आफताब और श्रद्धा ने वसई, मुंबई में ही रहना शुरू कर दिया, परिवार और दोस्तों के साथ सभी संबंध तोड़ दिए|

इसलिए वह सबसे आइसोलेट हो गयी थीं लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती थी|

श्रद्धा की माँ की मृत्यु हो चुकी थी शायद इसीलिए उसे “निशाना” बनाया गया था?

श्रद्धा की हत्या के 10 दिन पहले, श्रद्धा और अफताब दोनों दिल्ली चले गए और जन्हा उसके कत्ल के सिर्फ ३ पहले ही उन्होंने छतरपुर में अपार्टमेंट किराए पर लिया था, जहां से महरौली के जंगल एकदम पास में हैं।

इस महरौली के जंगल में ही श्रद्धा के शरीर के अंगो के अलग अलग टुकडो को विभिन्न हिस्सों में फेंक दिया गया था|

आफताब का कहना है कि श्रद्धा शादी करने के लिए उसके पीछे पड़ी हुई थी और इसी की वजह से उसे गुस्सा आ गया और हीट ऑफ़ the मोमेंट में उसकी बेहरमी से हत्या कर दी|

आफताब की प्लानिंग

आफ़ताब की प्लानिंग देखिये और फिर कमेंट में मुझे बताना की आपको क्या लगता है की क्या ये हीट ऑफ़ the मोंमेंट हुई दूर्रघटना है या एक सुनियोजित हत्या?

आप ये सोचिये की उसने घर वंहा लिया जिसके पास इतना घना जंगल था| ताकि कुछ छुपाना हो तो उसे दूर ना जाना पड़े| क्या उसने सच में गुस्से में उसे मार डाला था या उसे किसी भोत बड़े राज का पता चल गया था और इस डर से की उसका राज कही श्रद्धा सबको बता ना दे आफताब ने उसकी हत्या कर दी|

एक प्यार करने का दावा करने वाला आशिक अपनी प्रेमिका के 36 टुकडे काटने के बाद क्या अपनी दिनचर्या इतने normally बिता सकता है क्या? जैसे कुछ हुआ ही न हो?

क्या यह बहुत संयोग नहीं है कि वे हत्या से ठीक 3 दिन पहले उस नए किराए के फ्लैट में शिफ्ट हुए थे| दिल्ली जाने से ठीक पहले हिमाचल यात्रा भी की थी शायद दुनिया को दिखाने के लिए हम कितने खुश हैं? वह भी जंगल के पास जहां लाशों को आसानी से ठिकाने लगाया जा सकता है ताकि जानवर अवशेषों को खा जाए|

क्या श्रद्धा आफताब की पहली शिकार है या उसने पहले भी लड़कियों को फंसाया था?
याद रखें, वे एक डेटिंग ऐप पर मिले थे और उससे पहले कई लड़कियों को आफताब “डेट” कर चूका था|

उनके बारे में क्या? क्या उसने और लडकियों को भी फंसा रखा था? जैसे उसने श्रद्धा को फँसाया, एक ऐसी लड़की जिसने अपनी माँ को खो दिया था और वो उसके प्यार में फस गयी|

इस हत्याकांड का पता कैसे चला? श्रद्धा शायद ही किसी के टच में थीं| इस मामले में, परिवार और दोस्तों ने देखा कि उसने कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर कोई नई पोस्ट नहीं डाली थी उसका फोन भी unreachable जा रहा था| श्रद्धा पूरी तरह से गायब हो गई थी| फिर परिवार ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया| मुंबई पुलिस ने लापता लड़की की तलाश शुरू कर दी है|

उसकी आखिरी जगह दिल्ली थी ये उसके फ़ोन को trace करके पता लगा| इसलिए मुंबई पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया, जिसने 6 महीने पहले हुए इस मर्डर केस को बड़ी कुशलता से सुलझाया| मुंबई और दिल्ली पुलिस दोनों को इसे हल्के में नहीं लेने के लिए बधाई लेकिन मामला बहुत जटिल है क्योंकि शरीर के अंग बहुत बुरी तरह से सड़ चुके होंगे

लेकिन जैसा कि मैंने कहा, श्रद्धा आफताब की पहली शिकार नहीं हो सकती हैं तो इसका पता कैसे लगाएं? पुलिस को डेटिंग ऐप्स से डेटा प्राप्त करना चाहिए और आफताब को डेट करने वाली प्रत्येक लड़की का पता लगाना चाहिए और पता लगाना चाहिए कि वह लड़की जीवित है या मृत।

साथ ही उनके फोन रिकॉर्ड भी क्या श्रद्धा पहली शिकार है, क्या आफताब अकेला ये काम कर रहा था। जिस हिसाब से आफताब ने उसके 35 टुकड़े कर दिए उसे मारने के बाद जोमैटो से खाना ऑर्डर किया| उसके शरीर के अंगों को स्टोर करने के लिए एक फ्रिज का ऑर्डर दिया उसी कमरे में रुकी थी, जहां उसका शव रखा गया था|

नियमित रूप से काम पर जाता था (वह संयोग से एक रसोइया था) और संदेह को दूर करने के लिए 18 दिनों में रात के बीच में भागों का निपटान करता था, यह दर्शाता है कि वह इसमें नया नहीं हो सकता है और पहले भी ऐसा कर चुका है हां, उसके अड़ियल व्यवहार को अंदर आने दें|

ज्यादातर पहली बार अपराधी कई गलतियां करते हुए डर से कांप रहे हैं| जबकि आफताब ने कुछ नहीं किया। यहां तक ​​कि पुलिस ने कहा कि उसकी बॉडी लैंग्वेज में कोई पछतावा नहीं था चूँकि शरीर के अंग बहुत बुरी तरह से सड़ सकते हैं, डेटिंग ऐप और उसके फोन से डिजिटल डेटा प्राप्त करना इस मामले को सुलझाने में बहुत महत्वपूर्ण होगा और हमें उम्मीद है
@दिल्ली पुलिस पेशेवर रूप से मामले को सुलझाना जारी रखें

आफताब टीवी शो डेक्सटर से प्रेरित था और उसने कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने के लिय कई तरीकों को उसने वही देखा था। और शायद श्रद्धा अकेली नहीं हैं।

आफताब ने घटना को अंजाम कैसे दिया? जबर्दस्ती उसने उसका गला घोंटकर हत्या की ताकि घर को साफ़ करने में कोई दिक्कत ना आये
मारने के बाद उसने कहा कि वह “घबरा गया” था और उसकी बॉडी से छुटकारा पाने के बारे में सोचता रहा। फिर बॉडी को काटने के लिए वो कई तरह के औजार और बॉडी के पार्ट काट कर उनको रखने के लिए एक रेफ्रिजरेटर लेकर आया| बॉडी को घसीट कर बाथरूम में ले गया और बॉडी काटने का शोर ना आये इसीलिए उसने पानी का नल चला रखा ताकि पानी की आवाज़ में बाकी की आवाज़े दब जाए |

उसने आगे बताया की पहले उसने आंतें निकालीं, क्योकि आंते निकलने के बाद शरीर को कटना आसान हो जाता है!
उसे बॉडी पार्ट्स काटने में 2 दिन लगे और उन्हें फ्रिज में रखता रहा| और फिर आराम से अपने काम पर भी जाने लगा जैसे कुछ हुआ ही न हो| और कामसे आने के बाद हर रात 1-2 किमी जंगल में चलकर जाना और टुकड़ों को फेंक देना|

अपने फ्लैट को साफ़ करने के लिए वो एसिड से बनाए केमिकल लेकर आया था| अपनी girlfriend के मांस और खून को 3 महीने तक वो निपटाता रहा|

डेक्सटर टीवी शो एक फोरेंसिक विशेषज्ञ के बारे में है, जो आकर्षक, sweet, kind, caringऔर व्यवहार करने में अच्छा व्यक्ति है, लेकिन रातों में वो गुप्त तरीके से सीरियल किल्लिंग करता है। उस टीवी शो में येही दिखाया गया है की कैसे बिना निशान छोड़े आप बॉडी को एकदम साफ़ तरीके से ठिकाने लगा सकते है और साफ़ बाख के निकल सकते है|

शरीर से छुटकारा पाने के बाद, उसी डेटिंग ऐप के माध्यम से उसने दूसरी gf पटाई उस लड़की ने भी वोही बाथरूम, और फ्रिज इस्तेमाल किया जिसमे अफ्ताफ़ ने ये काण्ड किया था|

l) इस फ्लैट का 6 महीने का लॉक-इन और सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा था| जो 15 नवम्बर को खत्म होने वाला था| हो सकता है कि वह जल्द ही यहां से बाहर जाने की योजना बना रहा हो जैसे कुछ हुआ ही न हो। पुलिस भी निश्चित रूप से पिछली girlfriend के ठिकाने की भी चांच करेगी| स्कैन करेगी

महत्वपूर्ण बात ये है की किलिंग के बाद भी उसने श्रद्धा का फोन चालू रखा और कुछ दिनों तक उसकी नकल करते हुए उसके दोस्तों को मैसेज करता रहा यह दिखाने के लिए कि वो जिंदा है और आखिर में रिश्ता टूट गया है और अफताब को उसने छोड़ दिया है| और अब उसके पास लड़की नहीं है।

आफताब ने आगे पुलिस से कहा कि डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करने और दूसरी लड़कियों से मिलने से श्रद्धा परेशान हो जाती थी। मौत के बाद भी वो दूसरी लडकियों से मिलता रहा और उसी फ्लैट में उनके साथ सेक्स भी किया, जबकि श्रद्धा का क्षत-विक्षत शरीर तब भी फ्रिज में ही प्लास्टिक की थैलियों में भरा हुआ रखा रहता था।

जेल में आफ़ताब की यह पहली रात है, देखिये कैसे चैन से सो रहा है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान भी वह शांत था| उसमे किसी भी तरह की आत्म ग्लानी नही दिख रही थी|

समय बताएगा कि श्रद्धा अकेली थी या और भी लडकिया ऐसे ही इसके जाल में फसी थी |

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