दिल्ली शराब घोटाले की Chronology|अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर CBI Raid

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नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका काम की बात में मैं हूँ आनंद और इस विडियो में हम आपको बताएँगे अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा जो शराब घोटाला हुआ है उसकी पूरी जानकारी और सच्चाई लेकिन आगे बढ़ने से पहले आप हमारे काम की बात YouTube चैनल को चैनल को सब्सक्राइब कर ले और जिन्होंने किया हुआ है वो एक बार फिर unसब्सक्राइब करके सुब्र सब्सक्राइब कर ले और बेल आइकॉन जरुर दबाये| तो चलिए सझते है अरविन्द केजरीवाल और मनीष द्वारा संचालित कथित दिल्ली शराब घोटाले की क्रोनोलॉजी

दिल्ली शराब घोटाला | नई आबकारी पालिसी

4, सितम्बर, 2020 को आम आदमी पार्टी ने कहा था की हम एक नयी excise policy ला रहे जोकि ना की सिर्फ liquor business से भ्रस्ताचार दूर करेगी बल्कि एक बहोत बड़ा master stroke होगा| लेकिन शायद अरविन्द केजरीवाल भूल गए की इस देश में master stroke सिर्फ एक ही आदमी मार सकता है|

October 13, 2020 तो आम आदमी पार्टी ने एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई और नई excise policy यानी आबकारी निति पर उनसे राय मांगी|
जिसके बाद 5 फरवरी, 2021 को एक प्रस्ताव बनाया गया और नई excise policy को एक जीओएम यानी अपने Group of Ministers को प्रस्तुत किया गया और बाद में इसे अप्रैल 2021 में कैबिनेट में मंजूरी दी गई।

कैबिनेट से मंजूरी के बाद यह नीति दिल्ली के तत्कालीन एलजी अनिल बैजल को भेजी गई थी। उन्होंने इस नीति को लेकर अपनी कुछ चिंताएं जताई थी और कहा था कि इसमें छह पॉइंट ऐसे हैं जिनमें बदलाव की गुंजाइश है|

कैबिनेट ने फिर से नीति की समीक्षा की और जिन मुद्दों पर एलजी ने अपनी चिंता व्यक्त की थी, उन्हें ठीक किया गया, जिसके बाद इसे 5 नवंबर, 2021 को कैबिनेट द्वारा पारित किया गया और 17 नवंबर, 2021 को दिल्ली सरकार ने अपनी मास्टरस्ट्रोक नई आबकारी नीति को अधिसूचित कर दिया । .

Chapter 2 | दिल्ली के एलजी को मुख्य सचिव का पत्र

अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन आम आदमी पार्टी की परेशानी तब शुरू हुई जब दिल्ली के मुख्य सचिव ने 5 जुलाई 2022 को एलजी को एक रिपोर्ट भेजी जिसमें उन्होंने नई आबकारी नीति की आड़ में हो रही गड़बड़ी के बारे में बताया| एलजी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर संज्ञान लिया और सीबीआई जांच का आदेश दिया| आम आदमी पार्टी दावा करते थी कि पुरानी आबकारी नीति के कारण बहुत बड़ी कालाबाजारी हो रही थी, बहुत भ्रष्टाचार हो रहा था और दुकानें इस तरह से चल रही हैं कि कोई भी व्यक्ति वंहा जाना नहीं चाहता था| और सरकार का काम शराब बेचना नहीं है, इसलिए वे इस धंधे से बाहर निकलना चाहते हैं।

पुरानी आबकारी नीति के तहत दिल्ली में कुल 864 शराब की दुकानें थीं, जिनमें से 475 सरकारी और बाकी प्राइवेट दुकाने थीं। हर दूकान का एक ही लाइसेंस धारक होता था। दिल्ली सरकार हर एक बोतल पर उत्पाद शुल्क यानी tax लेती थी और हर दुकान को एक फिक्स्ड लाइसेंस फीस का देनी पड़ती थी।

नई आबकारी नीति के तहत, सरकार ने दिल्ली को 32 क्षेत्रों में विभाजित किया और प्रत्येक क्षेत्र में 27 दुकानें खोलने का निर्णय लिया, यानी कुल 849 नई शराब की दुकानें।
व्यक्तिगत लाइसेंस देने के बजाय, सरकार ने फैसला किया कि वह ज़ोन को लाइसेंस देगी, यानी एक ज़ोन की 27 शराब की दुकानों का मालिकाना हक़ एक ही इकाई के पास होगा।

इतना ही नहीं, सरकार ने बेची गई हर एक बोत्तल पर tax ना लेकर एक lump sum excise duty उत्पाद शुल्क लेने का प्रावधान किया , यानी यदि आप 100 बोतलें बेचते हैं, तो आपको वही शुल्क देना होगा जो आपको 100,000 बोतलों के लिए देना होगा। मतलब 100 बोतलें बेचो या 100000, tax एक जैसा ही जाएगा| नई आबकारी नीति के तहत सरकार ने शराब पीने की उम्र 25 से 21 कर दी थी और dry days जोकि 21 दिन थे उन्हें घटाकर 3 दिन करने का भी वादा किया था|

इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा था कि शराब बनाने वाले इसे रिटेल में नहीं बेच सकते, उन्हें केवल distributer के माध्यम से ही शराब बेचनी होगी. सरकार ने दुकानों को एमआरपी से कम कीमत पर बेचने की अनुमति भी दी, और वैट की दर को भी 25% से घटाकर 1% करने वाले थे। सरकार ने दावा किया था कि इसके बाद उनके राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। दिल्ली सरकार का कहना था की उन्हें को लगभग रु.9000 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क प्राप्त होगा जो पहले आरक्षित मूल्य से 2000 करोड़ रुपये ज्यादा है|

असली खेल तब शुरू हुआ जब नई आबकारी नीति के तहत नई शराब की दुकानें खोली जानी थीं, लेकिन पहले दिन मुट्ठी भर दुकानें ही खुल सकीं, बाद में नई आबकारी नीति के तहत business न होने की अवस्था का हवाला देते हुए केवल 644 दुकानें ही खोली जा सकीं, कई ने तो अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए।

अब शराब की 90% दुकानों ने 50% छूट पर शराब बेचना शुरू कर दिया, अब जो बड़े खुदरा विक्रेता जिनके पास manufacturing and distribution लाइसेंस वो तो 50% की छूट पर शराब बेच सकते थे लेकिन छोटे दूकान दार ऐसा नही कर सके

इस भारी छूट के आगे छोटे रिटेल दुकानदारों ने दम तोड़ दिया और जुलाई 2022 में दिल्ली शराब व्यापार संघ ने अदालत में एक हलफनामा दायर किया| जिसमे अदालत से अनुरोध किया गया था की नई आबकारी नीति को असंवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि यह केवल बड़ी शराब कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई गयी है|

इस नीति ने दिल्ली को शराब की राजधानी बना दिया। जहां औसतन 1.35 करोड़ लीटर शराब बिकती थी, इस नीति के लागू होने के बाद यह औसत बढ़कर 2.45 करोड़ लीटर हो गया, हालांकि, इस वृद्धि के बावजूद, शराब से होने वाली इनकम में 37 प्रतिशत की कमी आई|

नई आबकारी नीति पर जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई बातें सामने आईं, जिसका उल्लेख दिल्ली के मुख्य सचिव की उस रिपोर्ट में है, जिसे उन्होंने 8 जुलाई को एलजी को भेजा था। उस रिपोर्ट में जो तीन मुख्य बातें थीं, वो इस प्रकार है:-

1 मनीष सिसोदिया महामारी का हवाला देते हुए एलजी की मंजूरी के बिना कुछ शराब कारोबारियों की 144 करोड़ रुपये से ज्यादा की लाइसेंस फीस माफ कर दी।

2 मनीष सिसोदिया ने एलजी की मंजूरी के बिना विदेशी बीयर पर आयात पास शुल्क यानी import pass fee 50 रुपये प्रति केस घटा दी थी|

3- एयरपोर्ट ज़ोन की शराब की दुकानों का (30 करोड़ रुपये का लाइसेंस शुल्क यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि वो Airports Authority of India से एनओसी नही ले पाए थे, जबकि नीति के अनुसार, एक बार लाइसेंस शुल्क का भुगतान करने के बाद, इसे वापस नहीं किया जा सकता है।

Chapter 4

अब कहा ये जा रहा है कि जिन लोगों का पैसा माफ किया गया और जिनके प्रभाव में यह शराब समर्थक व्यापार नीति बनाई गई, वे आम आदमी पार्टी के करीबी थे और इस नीति की आड़ में पंजाब चुनाव में पार्टी को पैसे का एक बड़ा हिस्सा भेजा गया था।

अब छापेमारी के बाद से ही @आम आदमी पार्टी हर दिन एक नई कहानी लेकर आती है, जैसे मनीष सिसोदिया का दुनिया का सबसे बेहतरीन शिक्षा मंत्री बताना कभी उनके लिए भारत रत्न मांगते हैं, तो कभी कहते हैं कि बीजेपी पार्टी को तोड़ना चाहती है तो कभी ऑपरेशन लोटस फेल हो गया है वगरह वगरह हालांकि, जब यह जवाब देने की बात आती है कि पॉलिसी क्यों वापस ली गई, तो कोई जवाब नहीं देता।

तो दोस्तों आपको विडियो कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताये और हमारे youtube चैनल को सब्सक्राइब करे जिन्होंने किया हुआ है वो एक बात unsubscribe करके दुबारा सब्सक्राइब कर ले और बेल आइकॉन दबाये और हमारी आर्थिक सहायता करने के लिए सुपर थैंक्स का बटन एक बार जरुर दबाये|

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