प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 76वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “उनकी जयंती पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को श्रद्धांजलि।

23 जून 1980 को, राजीव के छोटे भाई संजय गांधी की रहस्य मय हालातो में हवाई जहाज दुर्घटना में मृत्यु हो गई। मृत्यु हो जाने के बाद राजीव जी ने 16 फरवरी 1981 को राजनीति में प्रवेश ले लिया, उन्हें भारतीय युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बना बनाया गया| तब उन्होंने पहली बार दिल्ली में एक राष्ट्रीय किसान रैली को संबोधित भी किया था। इस समय के दौरान, वह अभी भी एयर इंडिया के कर्मचारी भी थे। इसके बाद 1982 में इन्होने अमेठी से चुनाव लड़ा| और शरद यादव को 237,000 वोटो से हराया| इसके बाद उन्हें वर्ष 1982 में कांग्रेस के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया, जिसके चलते उन्हें वर्ष 1982 में, एशियाई खेलों के आयोजन के लिए 33 सदस्यों की टीम में भी रखा गया|

इसके बाद 31 अक्टूबर 1984 को राजीव गाँधी की माता जी इन्दिरा गाँधी को उनके ही बॉडीगार्ड द्वारा मार दिया गया| और मृत्यु के कुछ घंटों बाद ही कांग्रेस के सदस्यों ने मिलकर 40 साल की उम्र में राजीव गाँधी जी को भारत का प्रधानमंत्री नियुक्त किया| इसीलिए राजीव गाँधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री भी रहे | राजीव गांधी ने 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस की कमान संभाली। अक्टूबर 1984 में, उन्होंने भारत में कार्यालय संभालने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बनने के लिए 40 वर्ष की आयु में प्रधान मंत्री का पद ग्रहण किया। उन्होंने 2 दिसंबर, 1989 तक इस पद पर कार्य किया।

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राजीव गांधी की मृत्यु के कारण

श्री लंका में श्रीलंकन और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम यानी LTTE में गृहयुद्ध की शुरुआत हो चुकी थी | LTTE संगठन श्रीलंका में एक स्वतंत्र तमिल राज्य की मांग कर रहा था।
इन्ही आतंकी मामलों को सुलझाने के लिए राजीव गाँधी ने जुलाई 1987 में भारत-श्रीलंका समझौते पर साइन किये | इसके अनुसार युद्ध को रोकने के लिए भारतीय सेना को श्रीलंका में तैनात कर दिया| लेकिन LTTE नहीं चाहता था कि भारत की शांति सेना को श्रीलंका भेजा जाए. शांति सेना भेजे जाने से पहले LTTE प्रमुख वी प्रभाकरन दिल्ली में राजीव गांधी से मिलने भी आया था| लेकिन बातचीत बेनतीजा रही | हजारों भारतीय सैनिक मारे गए और अंततः राजीव गांधी ने भारतीय सेना को श्रीलंका से वापस बुला लिया। यह राजीव की एक बड़ी कूटनीतिक विफलता थी।

इसके बाद 30 जुलाई 1987 में श्रीलंका में राजीव गाँधी पर हमला किया गया| यह हमला उस वक्त किया गया था जब राजीव गाँधी शान्ति भाली के लिए प्रयास के तहत श्रीलंका दौरे पर गए | यंहा गार्ड ऑफ़ ओनर के दोरान श्रीलान्कई सैनिक विजिथा विजेमुनी ने राजीव गाँधी पर हमला कर दिया था | हालंकि सुरक्षाकर्मी की सजगता से वह बच गए थे| गार्ड ने बताया की वो राजीव गांधी जी को मारना चाहता था। वाइजमुनि को हमला करने के आरोप में ढाई साल की कैद हुई थी|

सिख विरोधी दंगे, भोपालत्र गैस त्रासदी और शाहबानो मामले में sc का फैसला संसद में पल्ट देने के कारण राजीव गांधी जी की चारों तरफ आलोचना हो रही थी। इसीलिए उन्होंने ‘रामायण’ धारावाहिक शुरू करवाया। लेकिन दूरदर्शन में कुछ ऐसे लोग भी थे जिनका मानना था कि रामायण नाटक दिखाने से दूरदर्शन की धर्मनिरपेक्ष छवि ख़त्म हो जायेगी | लेकिन वाद विवाद और राजीव गाँधी की इजाजत के बाद 25 जनवरी 1987 को रामायण शुरू कर दी गई।

मई 1988 में, राजीव गांधी ने हथियार बंध लोगो से अमृतसर में स्वर्ण मंदिर को खाली करने के लिए ऑपरेशन ब्लैक थंडर शुरू किया। 10 दिनों की घेराबंदी के दौरान मंदिर को घेरा गया, और चरमपंथियों को पकड़ा गया|

1986 में फैजाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने हिन्दुओं के अनुरोध पर राम जन्म भूमि के दरवाजे प्रार्थना के लिए खुलवा दिए थे और वर्ष 1989 में जब विवादित स्थल के पास राम मंदिर की नींव रखी गई, तब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे। देश में इसी वर्ष आम चुनाव भी होने थे। राजीव गांधी नहीं चाहते थे कि उनकी छवि हिंदू विरोधी नेता के रूप में उभरे। ऐसे में हिन्दुओं को लुभाने के लिए राजीव गांधी ने राजनीतिक दबाव में 1989 में हिंदू संगठनों को विवादित स्थल के पास राम मंदिर के शिलान्यास की इजाजत दे दी थी। 1989 में हुए आम चुनाव में राजीव गाँधी को हार का सामना करना पड़ा|

इसके बाद 21 मई 1991 तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदुर में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया | ये हमला 10 बजकर10 मिनट पर हुआ | तबमोजी राजरत्नम की महिला ने राजीव गाँधी जी के पैरों को छूने के लिए नीचे झुकी उसने 700 ग्राम के आरडीएक्स विस्फोटकों की बेल्ट अपने कपडे के अन्दर बाँधी हुई थी | इस विस्फोट में राजीव गांधी, राजरत्नम, और 25 अन्य लोग भी मारे गए थे | उन्हें ” भारत रत्न” से भी नवाजा गया था|

शुरुआत में राजीव गांधी की हत्या में 26 लोगों को फांसी की सज़ा मिली थी. बाद में कइयों की मौत की सज़ा आजीवन क़ैद में तब्दील हो गई| इस मामले में राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी और बेटे राहुल गांधी ने भी मौत की सज़ा को आजीवन क़ैद में तब्दील करने में मदद की थी.

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