Shree Ram Sita Ji Ki Shadi Ki Age Kya Thi | क्या सीता जी भी शादी के समय 6 वर्ष की थीं|

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नमस्कार मित्रो स्वागत है आपका काम की बात में और इस विडियो में हम आपको बताएँगे की राम जी और सीता जी आयु उनके विवाह के समय क्या थी, क्या सच में माता सीता अपनी शादी के समय सिर्फ ६ वर्ष की थी और श्री राम १६ वर्ष के??? और क्या दशरथ जी को साठ हजार साल की आयु में संतान की प्राप्ति हुई थी??

कई जगह ये कहानी प्रचलित है की दशरथजी के पास कौशल्या, सुमित्रा, कैकयी के अलावा भी 300 और पत्नियां थीं और दशरथ जी को साठ हजार साल की आयु में संतान की प्राप्ति हुई| साथ ही साथ ये भी की सीता जी और राम जी के विवाह के समय रामजी की आयु सिर्फ 14 साल, सीताजी की आयु मात्र 6 साल की थीं फिर शादी के बाद दोनों 12 वर्षों तक अयोध्या में रहे और इसके बाद उन्हें वनवास भोगने के लिए वन जाना पड़ा. इस समय तक सीताजी 18, राम जी 26 साल के हो गए थे और श्रीलंका पर विजय प्राप्त करने के बाद जब वे वनवास से लौटे तो सीताजी की आयु 32 और रामजी की उम्र 40 हो गई थी|

फिर रामजी के राज्याभिषेक के कुछ समय बाद ही सीताजी गर्भवती हो गईं और तथाकथित परित्याग के चलते उन्हें वशिष्ठजी के आश्रम में जाकर रहना पड़ा. वहीं वन में उनके दोनों जुड़वा बेटे लव कुश पैदा हुए और अश्वमेघ यज्ञ के समय वह बच्चों समेत अयोध्या लौट आई थीं. और फिर ये कहा जाता है कि इसके बाद 11000-13000 वर्षों तक अयोध्या में रहे और इसके बाद वह धरती में समा गईं| अब इस पूरी कहानी में जो आंकड़े दिए गए है वो पूर्णरूप से गलत है|

कुछ लोगों को भगवान राम और माँ सीता के विवाह के सन्दर्भ में कुछ भ्रान्ति है। वाल्मीकि रामायण से ये निष्कर्ष निकालने की कोशिश की जाती है कि विवाह के समय सीताजी की आयु मात्र छ साल की थी, जो सही नहीं है। वाल्मीकि रामायण से एक श्लोक का प्रमाण दिखाकर कुछ लोग ऐसा प्रमाणित करना चाहते हैं कि श्री राम की आयु 16 और माता सीता की आयु 6 वर्ष थी यानी ये विवाह एक “बाल विवाह” था| वाल्मीकि रामायण के उस श्लोक में लिखा क्या हुआ है?

उषित्वा द्वा दश समाः इक्ष्वाकुणाम निवेशने।।
भुंजाना मानुषान भोगतसेव काम समृद्धिनी।। (अरण्यकाण्ड 47: 4}

ध्यान दें कि इस श्लोक में द्वा और दश शब्द अलग अलग है। ये द्वादश यानि बारह नहीं बल्कि द्वा “दो” को और दश “दशरथ” को दर्शाते है। इसमें माँ सीता, रावण से, कह रही है कि इक्ष्वाकु कुल के राजा दशरथ के यहाँ पर दो वर्ष में उन्हें हर प्रकार के वे सुख मिले जिनकी एक मानव को इच्छा होती है।

Ram Sita ki Shadi Kis Age Me Hui Thi

क्योंकि इस श्लोक में इक्ष्वाकु कुल का नाम सीता जी बोल रही हैं – लेकिन उस कुल में दशरथ पुत्र राम से उनका विवाह हुआ – स्पष्ट है – पूरे श्लोक में दशरथ नाम कहीं और भी नहीं लिखा है – इसलिए “द्वा” दो को और “दश” – महाराज दशरथ को सम्बोधन है।

इसे पूर्ण रूप से न समझ कर – कुछ ऐसा अर्थ किया जाता है – एक उदहारण –

“उस समय छोटे बच्चो को कमरे में बंद रखा जाता था” –
इसे कुछ इस तरह अर्थ किया गया –

“उस समय छोटे बच्चो को कमरे में बंदर खा जाता था” –
श्लोक का अर्थ थोड़ा गलत करने से पूरा मंतव्य ही बदल गया।

मम भर्ता महातेजा वयसा पंच विंशक ।।३-४७-१०।।
अष्टादश हि वर्षिणी नान जन्मनि गण्यते ।।३-४७-११।।

इस श्लोक में माँ सीता कह रही है कि वनवास प्रस्थान के समय मेरे तेजस्वी पति की उम्र पच्चीस साल थी और उस समय मैं जन्म से अठारह वर्ष की हुई थी। इसे ये ज्ञात होता है कि वनवास प्रस्थान के समय माँ सीता की उम्र अठारह साल की थी और वो करीब दो साल राजा दशरथ के यहाँ रही थी यानि माँ सीता का विवाह सोलह साल की आयु के आस पास हुआ था।

सिद्धाश्रम : श्री राम 14-16वे वर्ष में ऋषी विश्वमित्र के साथ सिद्धाश्रम को गए थे। इस तथ्य की पुष्टि वाल्मीकि रामायण के बाल काण्ड के बीसवें सर्ग के शलोक दो से भी हो जाती है, जिसमे राजा दशरथ अपनी व्यथा प्रकट करते हुए कहते हैं- उनका कमलनयन राम सोलह वर्ष का भी नहीं हुआ और उसमें राक्षसों से युद्ध करने की योग्यता भी नहीं है।

उनषोडशवर्षो में रामो राजीवलोचन: न युद्धयोग्य्तामास्य पश्यामि सहराक्षसौ॥
(बालकाण्ड, सर्ग २०, शलोक २)

राम ऋषि विश्वामित्र के साथ चौदह अथवा सोलह वर्ष की आयु में गए थे और उसके बाद ही उनका विवाह हुआ था इसे ये सिद्ध हो जाता है की राम की शादी सोलह वर्ष के उपरान्त हुई थी

श्री राम और लक्ष्मण ने – ऋषि विश्वामित्र के आश्रम सिद्धाश्रम में करीब 12 वर्ष तक निवास किया और ऋषि विश्वामित्र ने उन्हें 72 शस्त्रास्त्रों का सांगोपांग ज्ञान तथा अभ्यास कराया|

यदि श्री राम की आयु ऋषि विश्वामित्र के साथ उनके आश्रम में जाते समय 16 नहीं 14 भी माने तो ऋषि विश्वामित्र के आश्रम में विद्या ग्रहण करते हुए 12 साल व्यतीत हुए जिसका योग 26 वर्ष होता है| एक और तथ्य ये है की वैदिक युग से, उपनयन या शिक्षा की दीक्षा को दूसरा जन्म (द्विज) माना जाता था। ब्राह्मणों के लिए यह 8 साल की उम्र में, क्षत्रिय 11 में और वैश्य 12 में किया गया था। उसके बाद उन्हें द्विज (दो बार पैदा हुए) कहा जाता था (आपस्तंभ गृह्य सूत्र)। चूंकि सीताजी और श्रीराम दोनों क्षत्रिय परिवारों से थे, इसलिए दोनों को 11 साल की आयु में दीक्षा दी गई थी।

तो, उनकी दीक्षा के बाद यानी दूसरे जन्म (दीक्षा) के बाद, उनकी नई उम्र 6 और 13 थी, लेकिन शादी के समय उनकी जैविक उम्र क्रमशः 16 और 25 साल थी। अयोध्या में 2 वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद जब वे वन वनवास के लिए निकले, तो उनकी आयु 18 और 27 थी और जब रावण ने 13 वर्ष वन में रहने के बाद सीताजी का हरण किया, तब उनकी वास्तविक आयु 33 वर्ष और राम 40 वर्ष के थे। जब श्रीराम ने रावण का वध किया और सीताजी के साथ अयोध्या वापस लौटे, तो उनकी आयु क्रमशः 34 और 44 थी।

Sita Ki Shadi Kis Umar Me Hui Thi

पद्म पुराण में भी बताया गया है कि कैसे माता सीता शारीरिक रूप से बड़ी हुईं और पूरी तरह से विकसित शरीर के अंगों के साथ वयस्क थीं। सीताजी ने परिष्कृत संस्कृत में देवी पार्वती के लिए एक विद्वतापूर्ण प्रार्थना की भी रचना की थी । जोकि एक 6-7 साल की बच्ची के लिए यह संभव नहीं है।

उपरोक्त तथ्यों से सिद्ध है कि श्रीराम की आयु मिथिला मे स्वयंवर में जाते समय 25-26 वर्ष थी और माता सीता की आयु 16 वर्ष थी। और हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को राम जी और सीताजी का विवाह हुआ था और इसी उपलक्ष्य में विवाह पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है|

अब भी यदि कुछ ज्नयादा बुद्धिमान व्यक्ति मानते है तो कृपया ये बताये की स्वयंवर के समय श्री राम की आयु यदि 16 वर्ष और माता सीता की आयु यदि 6 वर्ष मानी जाए – तो महर्षि विश्वामित्र के साथ क्या श्री राम 2-4 वर्ष की आयु में गए थे?

तो दोस्तों आपको ये जानकारी कैसी लगी कृपया कमेंट करके जरुर बताये और हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब कर ले और अगर कर रखा है तो unsubscribe करके दुबारा सब्सक्राइब कर ले और बेल आइकॉन दबा ले ताकि आपको हमारी विडियो की notification मिलती रहे|

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