क्या है String वीडियो जो Youtube ने रिमूव कर दिया

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‘द स्ट्रिंग’ नामक एक चैनल पर पोस्ट किया गया था, जिसके 4 लाख से अधिक ग्राहक हैं। इसे ट्विटर पर भाजपा सदस्यों द्वारा भी बढ़ावा दिया गया था। इस वीडियो का ट्रेंड हर जगह रहा यहाँ तक ही हर सोशल प्लेटफार्म पर #Stringreveals और #bigexpose से हर जगह यह बोहोत चर्चा में रहा|

इस वीडियो को स्ट्रिंग String नाम के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया जो श्री विनोद कुमार नाम के 29 साल के एक युवक का है National Institute of Technology, Warangal का भूतपूर्व छात्र है |

कुमार ने बताया की इस वीडियो के बाद अगर उनको तो उसके लिए कोन ज़िम्मेवार होगाविख्यात YouTube ने गुरूवार को एक वायरल वीडियो हटा दिया जो कि उस चैनल द्वारा डाला गया था जिसपे 4 लाख से अधिक सब्सक्राइबर है | उस वीडियो के माध्यम से कुछ ऐसे तथ्य सामने लाये गए जिनसे कुछ जर्नलिस्ट, एक्टिविस्ट और अन्य जुड़े लोगो का नाम सामने आया जो देश के खिलाफ साजिश रच रहे है

क्यों हटाया Youtube ने String का वह वीडियो

यदि आप उस यूट्यूब द्वारा हटाए गए लिंक पर क्लिक करेंगे तो उसपे यूट्यूब यह मैसेज देता है की वीडियो हटाने का कारण एक यूट्यूब की पालिसी के उलंघन करने वजह से हुआ है (उत्पीड़न व धमकाना)

जहा एक और इस शख्स ने कुछ प्रमुख नमो को अपने वीडियो के द्वारा बहार लेन की चेष्टा की पर वीडियो यूट्यूब द्वारा डिलीट गया जबकि कई पत्रकारों ने वीडियो पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और YouTube ने इसे प्रसारित करने की अनुमति दी थी, कपिल मिश्रा और तजिंदर सिंह बग्गा सहित कई भाजपा नेताओं ने इसके लिए अपना समर्थन दिया।

वरिष्ठ पत्रकार और संपादक और यूट्यूब चैनल Mojo की ओनर बरखा दत्त ने कहा कि वीडियो “भद्दा, अपमानजनक, हिंसक, धमकी भरा” था।

क्या था ‘द स्ट्रिंग’ के इस वीडियो में

इस वीडियो के एपिसोड में स्ट्रिंग ने Greta Thunberg द्वारा शेयर की गयी टूलकिट और उसके समय (03 फरवरी शाम 05 :19) दिखाया है जो की उनके अनुसार एक सोचा समझा व प्लान किया हुआ था

इसके बाद स्ट्रिंग ने बताया की कैसे मीडिया के विख्यात नाम (ऑल्ट न्यूज़ फैक्ट-चेकर मोहम्मद ज़ुबैर, RTI कार्यकर्ता साकेत गोखले, YouTuber ध्रुव राथे और मीडिया संस्थाओं सहित DIGIPUB के सदस्यों, कारवां, आउटलुक, PARI, इंडिया स्पेंड) यह सभी एक या दो फरवरी को ट्वीट कर चुके थे

इसमें यह भी बताया गया की इस बात का पहला सबूत है कि Greta Thunberg की टूलकिट शेयर होने से पहले ही यह इन सब के पास पास होगी और यह भी की यह लोग इस के द्वारा डोनेशन भी जुटाना चाहते थे

इस वीडियो में उन्होंने एक टाइम लाइन के ज़रिये बताया की थीं फरवरी को ग्रेटा ने टूलकिट पोस्ट की और उससे पहले एक और दो फरवरी को बाकि मीडिया वालो ने साथ ही यह बताया गया की किसानो के समर्थन में टूलकिट शेयर करने के आग्रह से पहले भारत को बदनाम और बर्बाद करने की साजिश भी रची जा चुकी थी

आगे स्ट्रिंग ने DIGIPUB News India foundation की प्रेस रिलीज़ का ज़िक्र किया जो की 27 Oct 2020 की है| उस समय किसान आंदोलन इस प्रकार उग्र तत्पर नहीं था इस तरह से आप पता लगा सकते है की यह षड्यंत्र कितने समय पहले ही रच दिया गया था | उन्होंने दावा किया कि फरवरी में कार्यकर्ता द्वारा साझा किया गया टूलकिट पांच महीने पहले “योजनाबद्ध” किया गया था।

द स्ट्रिंग के अनुसार डिजिपब का सम्बंद कही न कही ग्रेटा द्वारा ट्विटर पर शेयर किये गए टूल किट से है जो उन्होंने गलती से ट्विटर पर पोस्ट कर दिया था | यह टूलकिट ये भी दर्शाती है की मीडिया जो सरकारी विरोधी है उन सब के नाम इसमें शामिल थे| द स्ट्रिंग ने यह भी कहा की “यह फिर से ग्रेटा लीक टूलकिट नामों के साथ क्यों मेल खा रहा है? … यह एक संयोग नहीं है

वीडियो में, कुमार को सीबीआई, ईडी और मोदी सरकार से “निवेदन” करते हुए देखा जा सकता है कि उनके “मनी ट्रेल्स” के लिए ये विशेष समाचार आउटलेट “जांच” कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर इन आउटलेट्स की जांच की गई, तो उनके पैसे के निशान “किसी बड़े” से जुड़े साबित होंगे।

कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि राठी , जुबैर, ऑल्ट न्यूज़ ‘प्रतीक सिन्हा, द वायर के आरफ़ा खानम शेरवानी, न्यूज़लांडी के अभिनंदन सेकरी ने “कारण” बताया कि इस देश की अर्थव्यवस्था ठीक नहीं चल रही थी। उन्होंने पत्रकार बरखा दत्त और उनके उद्यम मोजो पर भी निशाना साधा और मोदी सरकार से कहा कि वह ” अपने पैसों की जांच करें ”।

कुमार ने कहा, “एजेंसियों के अनुसरण के लिए इतने सारे सबूत और रास्ते देने के बाद भी, मोदी जी अगर आपने जांच (इन मीडिया आउटलेट्स) को बंद कर दिया, तो आप 2024 में अगले कार्यकाल के लिए सहमत होंगे।”

बी जे पी के कई सदस्य इस वीडियो को दुबारा से सार्वजिक दिखने व वापस लेन की मांग कर रहे है

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